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शादी न करने का परिणाम क्या होता है ?

शादी न करने का परिणाम क्या होता है ?

दोस्तों हमने विवाह करने के बाद कई अच्छे और बुरे परिणाम देखे है लेकिन आज हम ऐसे पुरुषो के बारे जानेगे जो विवाह न करने पर उनका क्या परिणाम होता है जो पुरुष विवाह ही नहीं करते उसके क्या परिणाम होते है। इस कथन का वर्णन हमे महाभारत ग्रन्थ के आदिपर्व में मिलता है। 
शादी न करने का परिणाम क्या होता है

➤एलापत्र नाग ने अपने बड़े भाई वासुकी को मौत से बचाने का उपाय बताया था उपाय के अनुसार उन्होंने अपनी बहन का विवाह जरत्कारू ऋषि के साथ करना था जिससे की वह जन्मेजय के सर्प यज्ञ से बाख सके। परन्तु जरत्कारू ऋषि ब्रम्हचर्य धारण क्र तपस्या और स्वाध्याय में संलग्न रहते थे तथा निर्भय होकर स्वछंद रूप से पृथ्वी पर विचरण करते थे वे केवल वायु पीकर जीवित रहते थे। 
➤इस प्रकार उनका शरीर सुख चूका था । वे विवाह नहीं करना चाहते थे दोस्तों उन दिनों राजा परीक्षित का शासनकाल था एक दिन राजा परीक्षित यात्रा करते समय जरत्कारू ऋषि ने देखा की कुछ पितर नीचे की ओर मुख किये एक खड्डे में लटक रहे है ऑरवे खस का तिनका पकडे हुए है तिनके के जड़ को एक चूहा धीरे-धीरे कुतर रहा था। पित्रगण निराहार थे दुबले और दुखी थे ।
➤जरत्कारू ने उनके पास जाकर पूछा आप लोग जिस खस के तिनके के सहारे लटक रहे हो उसे एक चूहा कुतर रहा है जब खस की जड़ कट जाएगी तब आप लोग नीचे खड्डे में गिर जाओगे। आप लोग कोन है आप लोग को इस अवस्था में देखकर मुझे बड़ा दुःख हो रहा है मई अपनी सारी तपस्या का फल देकर आप लोगो को बचाना चाहता हूँ। 
➤यह सुनकर पितरो ने कहा अब ये बूढ़े ब्रम्हचारी हमारी रक्षा करना चाहता है परन्तु हमारी विपत्ति आपके तपस्या के बल से नहीं टल नहीं सकती क्योकि हम लोग "यायावर" नाम के ऋषि है तपस्या का फल तो हमारे पास भी है परन्तु वंश परम्परा क्षीण होने के कारण हम लोग पुण्य लोक से नीचे गिर गये है। 
➤हमारे वंश में अब केवल एक ही व्यक्ति रह गया है उनके भाई बंधू पुत्र पत्नी नहीं है और हमारे अभाग्य से वह तपस्वी हो गया है। उसका नाम "जरत्कारू" है यदि वह आपको कही मिले तो उससे कहना तुम्हारे पितर खड्डे में लटक रहे है तुम विवाह करके शांतन उत्पन्न करो अब हमारे वंश के तुम ही एक आश्रय हो इतना बताकर पितरो ने कहा यहाँ जो आप खस की जड़ देख रहे है यही हमारे वंश का सहारा है ।
➤हमारी वंश परम्परा के जो लोग नष्ट हो चुके है वही इसकी कटी हुई जड़े है या अधकटी जड़े ही जरत्कारू है कुतरने वाला चूहा महाबली काल है। यह एक दिन जरत्कारू को भी नष्ट कर देगा तब हम लोग और भी विपत्ति में पड़ जायेगे। कृपया करके यह बतलायेगे की आप कोन है दोस्तों पितरो की बात सुनकर जरत्कारू को बड़ा दुःख हुआ उन्होंने गदगद वाणी से अपने तरफ से कहा आप लोग मेरे ही पिता पितामह है ।
➤मैं आप लोगो का अपराधी पुत्र "जरत्कारू" हूँ आप लोग मुझ अपराधी को दंड दीजिये यह सुनकर पितरो ने कहा यह बड़े सोभाग्य की बात है की तुन संयोग वस यहाँ आ गये। पुत्र तुमने अभी तक विवाह क्यों नहीं किया  तब जरत्कारू ने कहा मेरे ह्रदय में यह बात निरंतर घुमती रहती है की मैं अखंड ब्रम्हचर्य का पालन करके स्वर्ग प्राप्त करूं मेरे मन में यह दृढसंकल्प कर लिया था कि मैं कभी विवाह नहीं करूँगा परन्तु आप लोगो को इस खड्डे में उल्टा लटकते देखकर मैंने अपना ब्रम्हचर्य का निश्चय पलट दिया है। 
➤अब मैं आप लोग के लिए निःसंदेह विवाह करूँगा यदि वह कन्या भिक्षा की तरह मुझे मिल जाये  तो मैं उसे अपने पत्नी के रूप में स्वीकार्य कर लूँगा आप लोग चिंता मत कीजिये आप के कल्याण के लिए मुझसे पुत्र होगा और आप लोग परलोक में सुख से रहेंगे। 

निष्कर्ष : दोस्तों इस कहानी से हमको यह शिक्षा मिलती है की जरत्कारू ने विवाह नहीं किया तो उसका दुष्परिणाम उसके पितरो को मिला जिसको दूर करने के लिए जरत्कारू को विवाह करना पड़ा। 

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