शादी क्यों जरुरी है?
शादी की जो शुरुआत हुई है हमारे देश में वो एक एतिहासिक तथ्य के अनुसार आज से लगभग सात हजार साल पहले भगवन शिव ने शादी की परम्परा शुरू की थी। इससे पहले लोग शारीरिक सम्बन्ध बनाते थे लेकिन जानवरों की तरह अर्थात शादी की व्यस्थता सु-व्यस्थित नहीं थी। भगवान शिव के अनुसार सबसे पहले आप अपने धर्म को समझे, अपने कर्तव्य को समझे न की सिर्फ काम वासना के लिए शादी करे। धर्म के अनुसार शादी करे इसलिए यह परम्परा शुरू की गई । अब ये धर्म क्या है? तो जो हम धर्म (अहिंसा) धारण करते है जब तक हम अहिंसा धारण नहीं करते है तब तक आपने धारण नहीं किया।
आखिर शादी जरुरी क्यों है शादी का उद्देश्य क्या है शादी का मतलब क्या है शादी का निहितार्थ क्या है इन सब सवालों के जवाब आज हम इस लेख में जानेगे।
➤सबसे पहले जानते है शादी क्यों जरुरी है? तो पहली वजह यह है की समाजिक जीवन को मूर्त रूप देने के लिए, एक अनजान लड़का लड़की एक साथ आते है समाजिक जीवन को व्यस्थित करते है परिवार ससे ही समाज का निर्माण होता है ।
➤सृष्टि को निर्बांध तरीके से आगे बढ़ने के लिए शादी करना बहुत जरूरी है क्योकि लड़का लड़की एक साथ जब तक नहीं आयेगे तब तक संतति नहीं होंगे। और संतति नहीं होंगे तो सृष्टि कैसे आगे बढेगा ।
➤शादी करने की तीसरी वजह ये है की जो हमारा जीवन है वो तीन चीजो से मिलकर बना है - शरीर, मन, और भावनाएं इस प्रकार आदमी को तीन चीजो की आवश्यकता होती है जब लड़का लड़की मिलते है तो उसको शारीरिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए ये तीन चीजे जरूरी होता है।
➤जब लड़का लड़की एक दुसरे से मिलते है तो मन शांत हो जाता है मन में तरह-तरह के विचार आते रहते है वो विचार शांत हो जाते है ।
➤लड़का लड़की की जो भावनाए है वो बचपन सही शुरू हो जाती है जैसे लड़की का अपने माँ के प्रति लगाव जब लड़की छोटी होती है तब लेकिन जब लड़की धीरे-धीरे बढ़ते जाती है तो उसे अपने खिलोनो के प्रति लगाव बढ़ते जाती है इस प्रकार उनके अपने के प्रति भावनाएं जो तीव्र होता है वो किशोरावस्था के बाद होता है ये शादी की तीन महत्वपूर्ण चीज है।

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