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हिन्दू धर्म के अनुसार एक ही गोत्र वाले से विवाह क्यों नहीं करते !!

हिन्दू धर्म के अनुसार एक ही गोत्र वाले से विवाह क्यों नहीं करते !!

क्यों स्त्री को अपने पिता का गोत्र प्राप्त नहीं होता हमेशा उसके पति का ही गोत्र मिलता है? हिन्दू धर्म के अनुसार एक ही गोत्र वाले से विवाह क्यों नहीं करते है? (hindoo dharm ke anusaar ek hee gotr vaale se vivaah kyon nahin karate) इन सब सवाल के जवाब आज हम इस लेख में जानेगे।
दोस्तों जैसा कि हम जानते है हिन्दू धर्म में एक ही गोत्र वाले परिवार में रिश्ता नहीं किया जाता है क्योकि हमारे हिन्दू धर्म के मान्यता के अनुसार लड़का और लड़की एक ही गोत्र के है तो वह शादी नहीं कर सकते यह परम्परा सालो (वर्षो) से चली आ रही है लेकिन क्या आप इसका कारण जानते है कि ऐसा क्यों होता है और इसके पीछे का तर्क क्या है।
हिन्दू धर्म में एक ही गोत्र वाले से शादी क्यों नहीं करते
पौराणिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से हमारे हिन्दू धर्म में एक ही गोत्र वाले के शादी क्यों नहीं करते इसका कारण जानते है- 

शास्त्रों के अनुसार : शास्त्रों के अनुसार एक ही गोत्र में शादी क्यों नहीं करना चाहिए इसका उत्तर है की दो लोगो के गोत्र समान होने का मतलब है कि वे एक ही कुल/गोत्र के है इस तरह से उसमे पारिवारिक रिश्ता हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि एक हि गोत्र या कुल में शादी करने से आने वाले शांतन की बुद्धि ख़त्म हो जाती है और बच्चे चाण्डाल श्रेणी में पैदा होती है। वैदिक संस्कृति के अनुसार एक ही श्रेणी में शादी करने से पति और पत्नी भाई बहन हो जाते है इसलिए शास्त्र के अनुसार हिन्दू धर्म में एक ही गोत्र वाले के शादी करना वर्जित है। 
                        अब सवाल ये उठता है कि शास्त्र हमको किस गोत्र वाले के साथ शादी करने को कहता है, तो दोस्तों शास्त्र तीन गोत्र वाले को छोड़कर अन्य सभी गोत्र वाले के साथ आप शादी रचा सकते हो वो गोत्र है -
(1) माता/माँ का गोत्र  
(2) खुद का गोत्र  और 
(3) दादी का गोत्र । इसके अलावा कही कही लोग नानी के गोत्र से भी शादी नहीं करते है। 

विज्ञान के अनुसार : अब जानते है विज्ञान इसके बारे में क्या कहता है क्यों एक ही गोत्र वाले से विवाह नहीं करनी चाहिए। विज्ञान (Science) का मानना है कि ऐसा प्रतिबंध इसलिए लगाया जाता है क्योकि एक हि गोत्र या कुल में शादी/विवाह करने पर दंपत्ति की शंतान अनुवांशिक दोषों के साथ पैदा होती है ऐसे दंपत्तियो के शंतान में एक ही विचारधारा होती है उसके शंतान में कुछ नयापन देखने को नहीं मिलता है। इसलिए विज्ञान के अनुसार भी एक हि गोत्र वाले के साथ शादी नहीं करनी चाहिए। 

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