Follow Us @soratemplates

विवाह करने का सही समय कब होता है?

विवाह करने का सही समय कब होता है?

कोई कहता है जल्दी से मेरी शादी करा दो तो कोई कहता है मुझे अभी शादी नहीं करनी किसी को उत्तर मिलता है तुम्हारी शादी में अभी वक्त/समय है तो किसी को जवाब मिलता है अरे तुम्हारा तो वक्त/समय हि निकल गया है।
विवाह करने का सही समय कब होता है?

आज हम चर्चा करने वाले है शादी/विवाह कब करनी चाहिए, प्राचीन काल में प्रत्येक कारण संस्कार से आरम्भ होता था। व्यास स्मृति में 16 संस्कारो का वर्णन देखने को मिलता है हमारे धर्म शास्त्र में भी मुख्य रूप से 16 संस्कारो का वर्णन मिलता है। इनमे पहला गर्भाधान संस्कार और मृतु के उपरांत (बाद) अंतेष्टि अंतिम संस्कार है। विवाह संस्कार स्त्री और पुरुष दोनों के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण संस्कार है। विश्व के सभी मानव समुदाय में स्त्री-पुरुष का समाजिक मान्यता प्राप्त संयोग यानि विवाह उनकी सामाजिक व्यस्था का एक महत्वपूर्ण अंग रहा है।

✱समाज के 4 महत्वपूर्ण आश्रमों जिसमे ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और सन्यास में गृहस्थ आश्रम एक बहुत हि महत्वपूर्ण आश्रम है। विवाह संबंध समाज का निर्माण करने वाली सबसे छोटी इकाई परिवार का मूल है। ये मानव प्रजाति को सुचारू रूप से चलाने या आगे बढ़ते रहने का माध्यम है। 

पहले माता-पिता बच्चो के युवावस्था में पहुचने के पहले उनके विवाह की जोड़ में लग जाते थे, विवाह करने की जिम्मेदारी माता-पिता की हि होती थी। पर आज सामाजिक दबाव, आदर सम्मान के कारण युवा विवाह संबंधी जो भी विचार या निर्णय है अपने माता-पिता के उपर छोड़ देते है। लेकिन आज कल ये देखा जा रहा है कि विवाह के बाद मन मुटाव, झंझट, झगड़े से बचने के लिए माता-पिता बच्चे की इच्छा पर भी अब ध्यन देने लग गये है। 

नवीन पीढ़ी जीवन के इस भाग-दौड़ में इतनी व्यस्त हो गई है कि विवाह का समय कब निकल गया उनको पता हि नहीं चलता। विवाह करने का सही समय हर किसी की व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। सरकारी नियमो के अनुसार युवती के लिए 18 वर्ष और युवको के लिए 21 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है पर आज कल सभी अपने नौकरी, कैरियर, व्यसाय में इतना उलझ जाते है कि वह कई वर्ष गुजार देते है और विवाह जैसे संस्कार को भूल जाते है। तलाक़ की बढती संख्या को देखकर भी कुछ लोग इस झंझट में पड़ना नहीं चाहता। 

विवाह कोई गुड्डे-गुड्डियो का खेल नहीं है इसलिए जब भी आप विवाह के बारे में सोचे तो इन सारी बातों का ध्यान जरुर रखे। विवाह की अभिलाषा रखने वालो को प्रेम प्रतिबद्धता, आपसी संबंध पति एवं पत्नी के कर्तव्यो, इच्छाओ का ज्ञान होना जरूरी है। विवाह से पहले सम्बंधित जानकारी लेना भी आवश्यक है जैसे: दोनो के आपसी सहयोग, आत्मसंयम, बच्चो के पोषण, आदर सम्मान, अनुशासन, नौकरी और अन्य जानकारी अवस्य ले। 

शादी एक पवित्र संबंध है जिसे व्यक्ति अपना भावात्मक और शारीरिक अवश्यकताओ को पूरा कर सकता है। विवाह कोई काम वासनाओं को पूरा करने का तरीका नहीं है बल्कि दो जीवो को आपसी संबंध द्वारा एक अन्य जिव अर्थात शांतन उत्पत्ति करना है। पति पत्नी का संबंध आपसी मतभेद, झगड़े, गुस्से, कड़वाहट और अकेलापन आदि हर परिस्थितियों में दृढ़ बने रहना चाहिए। 

No comments:

Post a Comment

यह वेबसाइट ऑनलाइन वैवाहिक परिचय के लिए बनाया गया है अगर आपका कोई सुझाव हो तो कृपया हमें बताये .........धन्यवाद