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वर, वधु की मांग में सिंदूर क्यों भरता है?..सिंदूर को सिर के मांग पर ही क्यों लगाया जाता है???

वर, वधु की मांग में सिंदूर क्यों भरता है????

हिन्दू महिलाएं विवाह के बाद अपनी मांग में सिंदूर को लगाती है उनके लिए सिंदूर सौभाग्य का प्रतिक होता है। सिंदूर लगाने की परम्परा बहुत प्राचीन है। लेकिन प्रश्न यह है कि हिन्दू महिला सिंदूर क्यों लगाया जाता है, यथार्थ में सिंदूर लगाने की परंपरा का सम्बन्ध सिर्फ आध्यात्मिक मान्यताओं से ही नहीं है,             
            बल्कि इसका रिश्ता साइंस से भी है। विवाह के बाद सिंदूर लगाना किसी हिन्दू महिला के लिए आवश्यक माना जाता है। अब सवाल ये उठता है कि सिंदूर एक विशेष स्थान पर ही क्यों लगाया जाता है??? 
वर, वधु की मांग में सिंदूर क्यों भरता है?..सिंदूर को सिर के माग पर ही क्यों लगाया जाता है???

सिंदूर शब्द सुनते ही हमारे आँखों के सामने दो दृश्य आते है एक स्त्री की मांग और दूसरा लाल या पिला रंग, लाल रंग एक स्त्री की खुशियाँ, ताकत, स्वास्थ्य, सेहत, सुन्दरता आदि से सीधा जुड़ा हुआ है। हजारो वर्षो से यह रंग विवाहित स्त्री की पहचान और उसके सामाजिक जीवन से जुड़ा है। 

             हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार ऐसा माना जाता है कि लाल रंग के माध्यम से सती स्त्री और माता देवी पार्वती की उर्जा को व्यक्त किया गया है। सती को एक आदर्श पत्नी के रूप में हमारे समाज में मान्यता प्राप्त है। माना जाता है कि माता देवी पार्वती, सिंदूर लगाने से अखण्ड सौभाग्यवती का आशीर्वाद देती है। इसलिए हिन्दू महिलाएं सिंदूर को अपने मांग में सजाती है। 

            शादी-सुदा महिलाओं के जीवन में सिंदूर का बहुत महत्व माना जाता है। हिन्दू धर्म में इसे सुहाग की निसानी माना जाता है, पति की लम्बी उम्र के लिए महिलाये अपने मांग में सिंदूर लगाती है। रामायण काल में भी जब माता सिंदूर लगा रही थी तब हनुमान जी ने उससे पूछा की माता सिंदूर लगाने से क्या होता है, तब माता सीता ने बताया की सिंदूर लगाने से पति की उम्र बढ़ती है। यह सुनकर हनुमान ने अपने शरीर पर सिंदूर लगा दिया और जब लोगो ने पूछा की हनुमान आपने अपने शरीर पर अचानक सिंदूर क्यों लगा लिया। तब हनुमान जी ने जवाब दिया कि इससे प्रभु श्री राम की उम्र बढ़ती है ऐसा माता सीता ने बताया है तब से हनुमान जी ने अपने शरीर में सिंदूर लगाना प्रारंभ किया था। 

                सिंदूर को सिर के माग पर ही क्यों लगाया जाता है??? वास्तव में सिर में जिस स्थान पर मांग सजाने के लिए सिंदूर/अरुण/सिंदुरी/सुर्ख/लाल रंग. लगाया जाता है वहां मस्तिष्क के ग्रंथि स्थित होती है लोक शास्त्र में इसे ब्रम्हरंध्र (Brahmarandhra) कहा जाता है शरीर में ये स्थान अत्यंत संवेदनशील माना जाता है इसलिए सिंदूर इसी स्थान पर लगाया जाता है। 

            सिंदूर में पारे की मात्रा होती है पारा इस स्थान को सुरक्षित रखता है। लगातार इसका प्रयोग लाभदायक होता है। विज्ञान के अनुसार पारा ब्रम्हरंध्र (Brahmarandhra) के उत्तम औषधि होता है ये मस्तिष्क को सक्रिय रखता है और कई समस्याओं से रक्षा करता है। सिंदूर हल्दी, चुना, और मर्करी से बना होता है मर्करी या पारा शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है तनाव को कम करता है और दिमाग को शांत रखता है। सिंदूर के माध्यम से ब्लड प्रेसर कंट्रोल में रहता है ये मन को शांत रखता है जिससे स्वस्थ्य भी अच्छा रहता है। दिमाग को शांत रखने में सिंदूर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इस कारण सिंदूर विवाहित महिलाओं के जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। 

सिंदूर का महत्व : 
  1. मांग में सिंदूर लगाना सुहागन स्त्री का प्रतिक माना जाता है। 
  2. सिंदूर एक स्त्री के विवाहित होने की निशानी है। 
  3. शादी-सुदा/विवाहित महिला/स्त्री सिंदूर को अपने पति की लम्बी दीर्घायु के लिए अपने मांग में सजाती है। 
  4. सिंदूर भरने के बाद कोई पुरुष उस स्त्री के बारे में गलत विचार या धारणा नहीं रखता। 
  5. माता देवी पार्वती, सिंदूर लगाने से अखण्ड सौभाग्यवती का आशीर्वाद देती है।
  6. सिंदूर को उर्जा का प्रतीक माना जाता है। 
  7. महिला अपने पति/सुहाग/जीवन साथी की लम्बी उम्र के लिए सिंदूर लगाती है।
  8. माथे पर सिंदूर लगाने से मस्तिष्क शांत रहता है।
  9. माथे पर सिंदूर लगाने से खून का दबाव नियंत्रित रहता है।
  10. सिंदूर एक प्रकार का औषधी है जो रोग प्रतिरोध का काम करता है। 
  11. सिंदूर लगाने से तनाव, निद्रा, चिंता जैसे बीमारी को दूर करने में सहायक माने जाते है । 
  12. सिंदूर में पारा नामक धातु पाया जाता है जो हमरे शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है।  
  13. सिंदूर नारी श्रृंगार का एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता है । 
  14. सिंदूर मंगल सूचक होता होता है । 
  15. सिंदूर में पारा पाया जाता है जिसके कारण महिलाओ के चेहरे में झुर्रियां/फोड़े/दाने नहीं पड़ती है । 
  16. मांग में सिंदूर लगाने से उत्तेजना नियंत्रित रहती है । 
  17. सिंदूर बहरी या बुरे प्रभाव से बचाती है । 
  18.  सिंदूर के माध्यम से ब्लड प्रेसर कंट्रोल में रहता है ये मन को शांत रखता है। 

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